तेनाली राम विलक्षण बुद्धि का था। वह विपरीत परिस्थितियों में भी अपना धैर्य बनाए रखता था। उसमें ऐसे अनेक गुण थे जो उसे आम विद्वानों से अलग करते थे। उसकी इन क्षमताओं के कारण ही महाराज कृष्णदेव राय उसे ऐसे उलझनपूर्ण कार्य भी सौंप दिया करते थे जिसका हल आम सभासदों के पास नहीं हुआ […]
खुलीं आँखें महाराज की! Tenali Rama Short Moral Story in Hindi
महाराज कृष्णदेव राय कभी-कभी तेनाली राम को साथ लेकर विजयनगर की प्रजा का दुख-सुख जानने के उद्देश्य से भ्रमण के लिए निकल जाते थे। ऐसे भ्रमण के समय दोनों आम नागरिकों जैसे परिधान में रहते थे। एक दिन महाराज ने कहा, “तेनाली राम! राज-काज की समरसता से बड़ी ऊब हो रही है। क्यों न हम […]
श्रम और स्वाद! – तेनाली रामा की कहानियां हिंदी में
एक बार महाराज कृष्णदेव राय तेनाली राम के साथ घोड़े पर सवार होकर शिकार के लिए विजयनगर के निकटवर्ती जंगल में गए। दोनों ने इच्छा भर शिकार किया और वापसी के लिए घोड़ा घुमा लिया। लेकिन थोड़ी ही देर के बाद उन्हें समझ में आ गया कि वे राह भटक गए हैं। दोनों भटकते-भटकते थककर […]
खेत का उपदेश! Tenali Rama Moral Stories in Hindi
महाराज कृष्णदेव राय अपने प्रिय सभासद तेनाली राम के साथ प्रायः विजयनगर के भ्रमण के लिए निकल जाते थे। प्रजा का दुख-दर्द जानने का उन्हें अपना यह तरीका बहुत पसन्द था। इस तरह के भ्रमण से जहाँ वे अपने राज्य की समस्त सूचनाओं से भिज्ञ रहते थे, वहीं अपने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों […]
महत्त्वाकांक्षी युवा तपस्वी! Tenali Rama Ki Kahani in Hindi
विजयनगर में प्रत्येक वर्ष कोई-न-कोई उत्सव-समारोह आदि हुआ करता था। महाराज कृष्णदेव राय उत्सव-प्रेमी ही नहीं, अध्यात्म-प्रेमी भी थे। उनका मानना था कि आध्यात्मिक होने का अर्थ यह नहीं है कि आप धार्मिक कर्मकांडों में उलझ जाएँ। ये कर्मकांड तो मनुष्य को विचारों की संकीर्णता की ओर ले जाते हैं। यह करो, ऐसे करो बताने […]
स्वर्ण मूषक पुरस्कार! Tenali Rama Short Story in Hindi
महाराज कृष्णदेव राय अपने दरबार के सभी सभासदों को विशेष महत्त्व देते थे किन्तु फिर भी सभासदों को प्रायः ऐसा लगा करता था कि महाराज तेनाली राम पर अधिक कृपालु हैं और उसे ऐसा मौका दे दिया करते हैं कि वह शेष सभी सभासदों पर भारी पड़ता है। इसलिए आम सभासद ऐसे अवसरों की तलाश […]
ईमानदारी! Tenali Rama Ki Kahani in Hindi
महाराज कृष्णदेव राय कभी-कभी अपने दरबार में इतने सहज हो जाते थे कि उन्हें देखकर कोई कह नहीं सकता था कि वे एक कुशल प्रशासक, कुशल राजनीतिज्ञ और अनुशासनप्रिय शासक हैं। जिस दिन महाराज में सहजता दिखती, उस दिन आम सभासद भी मस्ती मंळे आ जाते। सभा भवन में हँसी, ठिठोली, बहस, बतरस सब कुछ […]
क्या करें? लोक कथा Motivational Prernadayak Kahani in Hindi
प्राचीन समय में संजय नाम का एक उत्साही व्यक्ति था। उसे साधु-महात्माओं की संगति बहुत प्रिय थी। इसके लिए वह बड़े-बड़े तीर्थों और मठों में घूमता रहता था। एक बार उसे किसी सिद्ध योगी के पास रहने का अवसर मिला। संजय ने उन्हें अपनी सेवा से कुछ ही दिनों में बहुत प्रसन्न कर लिया। एक […]
अधिकार की रक्षा! प्रेरणादायक लोक कहानी कथा Folk Tales in Hindi
कुंजरमल्ल नाम का एक साधारण किसान था। वह रूपयों-पैसों का तो नहीं, लेकिन बल, उत्साह का धनी था। भीख मांगकर पेट भरने की अपेक्षा, भूखा रहना या परिश्रम से रूखा-सूखा कमाकर खाना उसको स्वभाव से ही प्रिय था। उसके पास ज़मीन का केवल एक टुकड़ा था जो उसके घर से कुछ दूर पहाड़ी के पास […]
छोटा साथी भी काम देता है। प्रेरणादायक लघु कथा!
बहुत दिन हुए, किसी गांव में सीताराम नाम का एक सीधा-सादा आदमी रहता था। उसे पक्षियों से बड़ा प्रेम था। काम-धाम से छुट्टी पाने पर वह पालतू चिडि़यों के साथ मनोविनोद में समय बिताता था। उसका घर एक छोटा-मोटा चिडि़याघर ही था। एक दिन सीताराम के दो साथियों ने किसी दूर के मेले में जाने […]
