शिवजी की बड़ी आरती जै शिव ओंकारा हो शिव पार्वती प्यारा, हो शिव ऊपर जल धारा ॥ ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धाङ्गी धारा ॥ ॐ हर हर हर महादेव ॥ टेक ॥ एकानन चतुरानन पञ्चानन राजै। हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजै ॥ ॐ हर हर… दोय भुज चार चतुर्भुज दशभुज ते सौहे। तीनों रूप निरखता त्रिभुवन मन […]
