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प्रदोष (त्रयोदशी) व्रत कथा Pradosh (Trayodashi) Vrat Katha in Hindi

प्रदोष (त्रयोदशी) व्रत कथा पूजा की विधि :-  ‘प्रदोषो रजनी-मुखम’ के अनुसार सायंकाल के बाद और रात्रि आने के पूर्व दोनों के बीच का जो समय है उसे प्रदोष कहते हैं, व्रत करने वाले को उसी समय भगवान शंकर का पूजन करना चाहिये। प्रदोष व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को […]

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