पाप का गुरु कौन है? Greedy Moral Story!

By   28/10/2014

           एक पंडित जी कई वर्षों तक काशी में शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद अपने गांव लौटे। गांव के एक किसान ने उनसे पूछा, पंडित जी आप हमें यह बताइए कि पाप का गुरु कौन है? प्रश्न सुन कर पंडित जी चकरा गए, क्योंकि भौतिक व आध्यात्मिक गुरु तो होते हैं, लेकिन पाप का भी गुरु होता है, यह उनकी समझ और अध्ययन के बाहर था। पंडित जी को लगा कि उनका अध्ययन अभी अधूरा है, इसलिए वे फिर काशी लौटे। फिर अनेक गुरुओं से मिले। मगर उन्हें किसान के सवाल का जवाब नहीं मिला। Continue reading »

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क्या मैं मर गया हूँ ? – जरूर पढ़े Family Inspirational Stories

By   28/10/2014
Family Inspirational Stories in Hindi

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आज सवेरे, सवेरे, अख़बार मे शोक समाचार के कालम मे, अपनी फ़ोटो को देखँ हैरान था, आश्चर्य, क्या मैं मर गया हूँ ? या किसी मसखरे का शिकार हो गया हू, रुको, थोड़ा सोचता हू, पिछली रात ही तो मेरे सीने में भारी दर्द उठा था, और मैं पसीने से तरबतर हो गया था फिर मुझे कुछ याद नही, मैं शायद गहरी नींद में सो गया था, और अब सुबह के ८ बज चुके है, बिना काफ़ी मेरी आँख नहीं खुलती, आज आफ़िस में फिर लेट होने वाला हू, चिढचिढे बास का फिर भाषण सुनने वाला हू पर ये क्या? क्यूँ मेरे घर मे भीड़ हो रही है, सारी भीड़ क्यूँ रो रही है, यहाँ बरामदे मे क्यूँ हाहाकार मचा पड़ा है मेरा शरीर सफ़ेद कपड़ों में लिपटा, ज़मीन पर क्यूँ पड़ा है Continue reading »

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सुई और कैंची – Tailor and Son Must Read!!

By   27/10/2014
Tailor and Son Short Story for Kids in Hindi

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एक दिन किसी कारण से स्कूल में छुट्टी की घोषणा होने के कारण, एक दर्जी का बेटा, अपने पापा की दुकान पर चला गया । वहाँ जाकर वह बड़े ध्यान से अपने पापा को काम करते हुए देखने लगा । उसने देखा कि उसके पापा कैंची से कपड़े को काटते हैं और कैंची को पैर के पास टांग से दबा कर रख देते हैं । फिर सुई से उसको सीते हैं और सीने के बाद सुई को अपनी टोपी पर लगा लेते हैं। जब उसने इसी क्रिया को चार-पाँच बार देखा तो उससे रहा नहीं गया, तो उसने अपने पापा से कहा कि वह एक बात उनसे पूछना चाहता है? Continue reading »

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20 Best Quotes in Hindi Anmol Vachan

By   27/10/2014
20 Best Quotes in Hindi Anmol Vachan

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।। आज का ज्ञान ।।

1.जितना कमाएँ उससे कम खर्च हो ऐसी जिन्दगी बनायें
2. दिन में कम से कम 3 लोगो की प्रशंसा करें
3. खुद की भूल स्वीकारने में कभी भी संकोच न करें
4. किसी के सपनो पर कभी भी न हंसे
5. अपने पीछे खडे व्यक्ति को भी कभी आगे जाने का मौका दें
6. रोज उदय होते सुरज को अवश्य देखें
7. खूब जरुरी हो तभी कोई चीज उधार लें
8. किसी से कुछ जानना हो तो, विवेक से दो बार पूछें
9. कर्ज और शत्रु को कभी बडा मत होने दें
10. ईश्वर पर अटूट भरोसा रखें
11. प्रार्थना करना कभी मत भूलें, प्रार्थना में अपार शक्ति होती है
12. हमेशा अपने काम से मतलब रखें
13. समय सबसे ज्यादा कीमती है, इसको फालतु कामो में खर्च ना करें
14. जो आपके पास है, उसी में खुश रहना सीखें
15. बुराई कभी भी किसी की भी मत करें, क्योंकि बुराई नाव में छेद समान है, छेद छोटा हो या बड़ा नाव को डुबा ही देता है
16. हमेशा सकारात्मक सोच रखें
17. हर व्यक्ति एक हुनर लेकर पैदा होता हैं, बस उस हुनर को दुनिया के सामने लाएं
18. कोई काम छोटा नही होता, हर काम बडा होता है
19. सफलता उनको ही मिलती है जो कुछ कोशिश करते हैं
20. कुछ पाने के लिए कुछ खोना नहीं बल्कि कुछ पुरुषार्थ करना पडता है
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चार मोमबत्तियां – Four Candles Story

By   27/10/2014

चार मोमबत्तियां ::

Four Candles Story Moral Kahaniya in Hindi

Four Candles Story Moral Kahaniya in Hindi

रात का समय था, चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था, नज़दीक ही एक कमरे में चार मोमबत्तियां जल रही थीं। एकांत पा कर आज वे एक दुसरे से दिल की बात कर रही थीं।

पहली मोमबत्ती बोली, ” मैं शांति हूँ , पर मुझे लगता है अब इस दुनिया को मेरी ज़रुरत नहीं है , हर तरफ आपाधापी और लूट-मार मची हुई है, मैं यहाँ अब और नहीं रह सकती। …” और ऐसा कहते हुए , कुछ देर में वो मोमबत्ती बुझ गयी।


दूसरी मोमबत्ती बोली, ” मैं विश्वास हूँ , और मुझे लगता है झूठ और फरेब के बीच मेरी भी यहाँ कोई ज़रुरत नहीं है , मैं भी यहाँ से जा रही हूँ …” , और दूसरी मोमबत्ती भी बुझ गयी।


तीसरी मोमबत्ती भी दुखी होते हुए बोली , ” मैं प्रेम हूँ, मेरे पास जलते रहने की ताकत है, पर आज हर कोई इतना व्यस्त है कि मेरे लिए किसी के पास वक्त ही नहीं, दूसरों से तो दूर लोग अपनों से भी प्रेम करना भूलते जा रहे हैं ,मैं ये सब और नहीं सह सकती मैं
भी इस दुनिया से जा रही हूँ….” और ऐसा कहते हुए तीसरी मोमबत्ती भी बुझ गयी।
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