Anmol Vachan in Hindi

नकारात्मकता का कचरा :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: एक दिन देखती हूँ मोबाइल चलते-चलते कभी धीरे चलने लगता है, तो कभी हैंग होने लगता है। एक जानकार ने बताया इसे हलका करना जरूरी है, फोन ओवरलोड हो गया है। इसलिए चलने में दिक्कत करता है। मैंने बेकार की तस्वीरें, फाइलें, डाटा डीलीट कर दिये।Continue Reading

guru ki khusboo prerak prshang

” गुरु की खुशबु ” एक प्रेरक प्रसंग/ फुर्सत के क्षणों में- ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: निजामुद्दीन औलिया एक महान मुस्लिम संत हुए हैं। एक बार एक गरीब आदमी,जिसकी बेटी विवाह योग्य थी, संत औलिया के पास इस उद्देश्य से आया कि कुछ सहायता मिल जायेगी क्योंकि संत बड़े दयालु होते हैं। संतContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

ऐरे-गैरों के साथ भागकर आख़िर क्या मिलता है ? ऐसा करने से तो…. • अपना समाज कमजोर बनता है, • सौभाग्य से मिला हुआ धर्म नष्ट होता है, • मां-बाप और परिवार की आबरू जाती है, • उन्हें रुला कर कोई सुखी नहीं हो पाती है, • संस्कार और संस्कृतिContinue Reading

Everybody has their own story in hindi

नीचे एक सरल चित्र है, लेकिन बहुत ही गहरे अर्थ के साथ। आदमी को पता नहीं है कि नीचे सांप है और महिला को नहीं पता है कि आदमी भी किसी पत्थर से दबा हुआ है। महिला सोचती है: “मैं गिरने वाली हूँ! और मैं नहीं चढ़ सकती क्योंकि साँपContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

कल बाज़ार में फल खरीदने गया, तो देखा कि एक फल की रेहड़ी की छत से एक छोटा सा बोर्ड लटक रहा था, उस पर मोटे अक्षरों से लिखा हुआ था… “घर मे कोई नहीं है, मेरी बूढ़ी माँ बीमार है, मुझे थोड़ी थोड़ी देर में उन्हें खाना, दवा औरContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

एक ही घड़ी मुहूर्त में जन्म लेने पर भी सबके कर्म और भाग्य अलग अलग क्यों एक प्रेरक कथा … एक बार एक राजा ने विद्वान ज्योतिषियों की सभा बुलाकर प्रश्न किया- मेरी जन्म पत्रिका के अनुसार मेरा राजा बनने का योग था मैं राजा बना, किन्तु उसी घड़ी मुहूर्तContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

अक्सर तुम शाम को घर आ कर पूछते आज क्या क्या किया?? मैं अचकचा जाती सोचने पर भी जवाब न खोज पाती कि मैंने दिन भर क्या किया आखिर वक्त ख़्वाब की तरह कहाँ बीत गया.. और हार कर कहती ‘कुछ नही’ तुम रहस्यमयी ढंग से मुस्कुरा देते!! उस दिनContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

थोड़ा समय लगेगा लेकिन पढ़ना जरूर, आंसू आ जाए तो जान लेना आपकी भावनाएं जीवित हैं …. बात बहुत पुरानी है। आठ-दस साल पहले की। Shared by www.AnmolVachan.in मैं अपने एक मित्र का पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली के पासपोर्ट ऑफिस गया था। उन दिनों इंटरनेट पर फार्म भरने कीContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

निश्‍चित ही पाप से तो मुक्‍त होना है। मैंने कहा, पाप वह, जो बाहर ले जाये। मैंने कहां पूण्‍य जो भीतर ले जाये। लेकिन बाहर से तो मुक्‍त होना ही है, भीतर से भी मुक्त होना है। पहले बाहर से मुक्त हो लो, तब तत्क्षण तुम पाओगे कि जिसे हमनेContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

ट्रेन पटरी पर अनवरत भाग रही थी, और साथ ही भाग रही थी सुमन की सोच। खिड़की से बाहर देखते हुए याद आ रही थी माँ की। पिछले साल जब वो इसी तरह गर्मी की छुट्टियों मे मायके जा रही थी बच्चो के साथ तो क्या उत्साह और उमंग थी।Continue Reading