Anmol Vachan in Hindi

माँ की वो रसोई मेरी माँ की वो रसोई.. जिसको हम किचन नहीं चौका कहते थे माँ बनाती थी खाना और हम उसके आस पास रहते थे माँ ने उस 4×4 के कोने को बड़े सलीके से सजाया था कुछ पत्थर और कुछ तख्ते जुगाड़ कर एक मॉडुलर किचेन बनायाContinue Reading

Mein Stree Hun Kavita Quotes in Hindi

चट्टान_सी सुदृढ दिखती हूँ.. हमेशा- मुस्कुराहट रहती है_ चेहरे पर… पर_ मैं_भी टूटती हूँ.. बिखरती हूँ., मोम की तरह_ पिघल भी जाती हूँ.. काश! इस बात को_ तुम समझते ..! इसख़्याल से नम हुए पलकों को… अपने_हीं आँचल_से पोंछ फिर मुस्कुरा लेती हूँ_ स्त्री हूँ न,,,,, 🎉💕

Anmol Vachan in Hindi

Nice Poem About Life 💙 समय चला, पर कैसे चला… 💙 पता ही नहीं चला… ज़िन्दगी की आपाधापी में, कब निकली उम्र हमारी,यारो पता ही नहीं चला। कंधे पर चढ़ने वाले बच्चे, कब कंधे तक आ गए, पता ही नहीं चला। किराये के घर से शुरू हुआ था सफर अपनाContinue Reading

Ladkon Par Kavita Thoughts in Hindi

“हर उस बेटे को समर्पित जो घर से दूर है” बेटे भी घर छोड़ जाते हैं जो तकिये के बिना कहीं… भी सोने से कतराते थे… आकर कोई देखे तो वो… कहीं भी अब सो जाते हैं… खाने में सो नखरे वाले… अब कुछ भी खा लेते हैं… अपने रूमContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

तन्हा बैठा था एक दिन मैं अपने मकान में, चिड़िया बना रही थी घोंसला रोशनदान में। पल भर में आती पल भर में जाती थी वो। छोटे छोटे तिनके चोंच में भर लाती थी वो। बना रही थी वो अपना घर एक न्यारा, कोई तिनका था, ईंट उसकी कोई गारा।Continue Reading

Odh Kar Tiranga Kyo Papa Aaye Hain Poem

शहीद जवान के बच्चे की दिल छू गई कविता ओढ़ के तिरंगा क्यों पापा आये है? माँ मेरा मन बात ये समझ ना पाये है, ओढ़ के तिरंगे को क्यूँ पापा आये है। पहले पापा मुन्ना मुन्ना कहते आते थे, टॉफियाँ खिलोने साथ में भी लाते थे। गोदी में उठाContinue Reading

Best Hindi Poem Kavita on Girl Ladki

लोग पत्नी का मजाक उड़ाते है। बीवी के नाम पर कई Msg भेजते है, उन सभी के लीये…. —————————————————- Please Read This…. A Lady’s Simple Questions & Surely It Will Touch A Man’s Heart… —————————————————– देह मेरी, हल्दी तुम्हारे नाम की । हथेली मेरी, मेहंदी तुम्हारे नाम की । सिरContinue Reading

…………. पिता की भावनायें…………………. माँ को गले लगाते हो, कुछ पल मेरे भी पास रहो ! ’पापा याद बहुत आते हो’ कुछ ऐसा भी मुझे कहो ! मैनेँ भी मन मे जज़्बातोँ के तूफान समेटे हैँ, ज़ाहिर नही किया, न सोचो पापा के दिल मेँ प्यार न हो!

एक प्यारी सी कविता वक़्त पर . ” वक़्त नहीं ” हर ख़ुशी है लोंगों के दामन में , पर एक हंसी के लिये वक़्त नहीं . दिन रात दौड़ती दुनिया में , ज़िन्दगी के लिये ही वक़्त नहीं .