…………. पिता की भावनायें…………………. माँ को गले लगाते हो, कुछ पल मेरे भी पास रहो ! ’पापा याद बहुत आते हो’ कुछ ऐसा भी मुझे कहो ! मैनेँ भी मन मे जज़्बातोँ के तूफान समेटे हैँ, ज़ाहिर नही किया, न सोचो पापा के दिल मेँ प्यार न हो!

एक प्यारी सी कविता वक़्त पर . ” वक़्त नहीं ” हर ख़ुशी है लोंगों के दामन में , पर एक हंसी के लिये वक़्त नहीं . दिन रात दौड़ती दुनिया में , ज़िन्दगी के लिये ही वक़्त नहीं .