Anmol Vachan in Hindi

नकारात्मकता का कचरा :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: एक दिन देखती हूँ मोबाइल चलते-चलते कभी धीरे चलने लगता है, तो कभी हैंग होने लगता है। एक जानकार ने बताया इसे हलका करना जरूरी है, फोन ओवरलोड हो गया है। इसलिए चलने में दिक्कत करता है। मैंने बेकार की तस्वीरें, फाइलें, डाटा डीलीट कर दिये।Continue Reading

Anmol Vachan in Hindi

मुफ़्तख़ोरी की पराकाष्ठा! मुफ़्त दवा, मुफ़्त जाँच, लगभग मुफ़्त राशन, मुफ़्त शिक्षा, मुफ्त विवाह, मुफ्त जमीन के पट्टे, मुफ्त मकान बनाने के पैसे, बच्चा पैदा करने पर पैसे, बच्चा पैदा नहीं (नसबंदी) करने पर पैसे, स्कूल में खाना मुफ़्त, मुफ्त जैसी बिजली 200 रुपए महीना, मुफ्त तीर्थ यात्रा, मरने परContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

ट्रेन पटरी पर अनवरत भाग रही थी, और साथ ही भाग रही थी सुमन की सोच। खिड़की से बाहर देखते हुए याद आ रही थी माँ की। पिछले साल जब वो इसी तरह गर्मी की छुट्टियों मे मायके जा रही थी बच्चो के साथ तो क्या उत्साह और उमंग थी।Continue Reading

Anmol Vachan in Hindi

ससुराल में वो पहली सुबह आज भी याद है। कितना हड़बड़ा के उठी थी, ये सोचते हुए कि देर हो गयी है और सब ना जाने क्या सोचेंगे ? एक रात ही तो नए घर में काटी है और इतना बदलाव, जैसे आकाश में उड़ती चिड़िया को, किसी ने सोनेContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

इन्सान जैसा कर्म करता है कुदरत या परमात्मा उसे वैसा ही उसे लौटा देता है। एक बार द्रोपदी सुबह तडके स्नान करने यमुना घाट पर गयी। भोर का समय था तभी उसका ध्यान सहज ही एक साधु की ओर गया जिसके शरीर पर मात्र एक लँगोटी थी। साधु स्नान केContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

एक बार संख्या 9 ने 8 को थप्पड़ मारा 8 रोने लगा… पूछा मुझे क्यों मारा..? 9 बोला… मैं बड़ा हु इसीलए मारा.. सुनते ही 8 ने 7 को मारा… और 9 वाली बात दोहरा दी! 7 ने 6 को… 6 ने 5 को… 5 ने 4 को… 4 नेContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

एक शाम माँ ने दिनभर की लम्बी थकान एवं काम के बाद जब रात का खाना बनाया तो उन्होंने पापा के सामने एक प्लेट सब्जी और एक जली हुई रोटी परोसी। मुझे लग रहा था कि इस जली हुई रोटी पर कोई कुछ कहेगा। परन्तु पापा ने उस रोटी कोContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

💐💐…..आत्म परिवर्तन…..💐💐 “ख़ुद में रह कर वक़्त बिताओ तो अच्छा है, ख़ुद का परिचय ख़ुद से कराओ तो अच्छा है..!! “इस दुनियाँ की भीड़ में चलने से तो बेहतर, ख़ुद के साथ में घूमने जाओ तो अच्छा है..!! “अपने घर के रोशन दीपक देख लिए अब, ख़ुद के अन्दर दीपContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

आज की प्रेरणा….. आप सालों से अपने आप को कोसते आ रहें हैं पर कुछ हासिल नहीं हुआ। अब खुद का समर्थन करने की कोशिश कीजिये और फिर देखिये क्या होता है। आज से हम स्वयं का समर्थन करें!! ————————— कोयल अपनी भाषा बोलती है, इसलिये आज़ाद रहती हैं किंतु तोता दूसरे कि भाषा बोलताContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

एक मेढक पहाड़ की चोटी पर चढ़ने का सोचता है और आगे बढ़ता है, बाकी के सारे मेंढक शोर मचाने लगते हैं!! “ये असंभव है.. आज तक कोई नहीं चढ़ा.. ये असंभव है.. नहीं चढ़ पाओगे” मगर मेंढक आख़िर पहाड़ की चोटी पर पहुँच ही जाता है.. जानते हैं क्यूँ?Continue Reading