guru ki khusboo prerak prshang

” गुरु की खुशबु ” एक प्रेरक प्रसंग/ फुर्सत के क्षणों में- ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: निजामुद्दीन औलिया एक महान मुस्लिम संत हुए हैं। एक बार एक गरीब आदमी,जिसकी बेटी विवाह योग्य थी, संत औलिया के पास इस उद्देश्य से आया कि कुछ सहायता मिल जायेगी क्योंकि संत बड़े दयालु होते हैं। संतContinue Reading

दयालु लकड़हारा!! (Short Moral Story in Hindi) बहुत समय पहले किशनपुर गाँव में रामू नाम का एक गरीब लकड़हारा रहता था। वह दूसराे की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता। जीवाें के प्रति उसके मन में बहुत दया थी। एक दिन वह जंगल से लकड़ी इकट्ठी करने के बाद थकContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

एक बार एक राजा की सेवा से प्रसन्न होकर एक साधू नें उसे एक ताबीज दिया और कहा की राजन इसे अपने गले मे डाल लो और जिंदगी में कभी ऐसी परिस्थिति आये की जब तुम्हे लगे की बस अब तो सब ख़तम होने वाला है, परेशानी के भंवर मेContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

एक भंवरे की मित्रता … एक गोबरी कीड़े के साथ हो गई. कीड़े ने भंवरे से कहा ~ भाई ! तुम मेरे सबसे अच्छे मित्र हो, इसलिये मेरे यहाँ भोजन पर आओ. अगले दिन सुबह भंवरा तैयार होकर अपने बच्चों के साथ गोबरी कीड़े के यहाँ भोजन के लिये पहुँचा.Continue Reading

Anmol Vachan in Hindi

एक ही घड़ी मुहूर्त में जन्म लेने पर भी सबके कर्म और भाग्य अलग अलग क्यों एक प्रेरक कथा … एक बार एक राजा ने विद्वान ज्योतिषियों की सभा बुलाकर प्रश्न किया- मेरी जन्म पत्रिका के अनुसार मेरा राजा बनने का योग था मैं राजा बना, किन्तु उसी घड़ी मुहूर्तContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

दो शेरों की दोस्ती बिगड़ जाती है, दोनों ही एक दुसरे के दुश्मन हो जाते हैं, फिर दोनों एक दूसरे से 10 साल तक बात तक नही करते…… एक बार पहले शेर और उसकी बीवी-बच्चों को 25-30 कुत्ते नोचने लगते हैं……. तभी दूसरा शेर आता है, और उन कुत्तों कोContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

अक्सर तुम शाम को घर आ कर पूछते आज क्या क्या किया?? मैं अचकचा जाती सोचने पर भी जवाब न खोज पाती कि मैंने दिन भर क्या किया आखिर वक्त ख़्वाब की तरह कहाँ बीत गया.. और हार कर कहती ‘कुछ नही’ तुम रहस्यमयी ढंग से मुस्कुरा देते!! उस दिनContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

थोड़ा समय लगेगा लेकिन पढ़ना जरूर, आंसू आ जाए तो जान लेना आपकी भावनाएं जीवित हैं …. बात बहुत पुरानी है। आठ-दस साल पहले की। Shared by www.AnmolVachan.in मैं अपने एक मित्र का पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली के पासपोर्ट ऑफिस गया था। उन दिनों इंटरनेट पर फार्म भरने कीContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

निश्‍चित ही पाप से तो मुक्‍त होना है। मैंने कहा, पाप वह, जो बाहर ले जाये। मैंने कहां पूण्‍य जो भीतर ले जाये। लेकिन बाहर से तो मुक्‍त होना ही है, भीतर से भी मुक्त होना है। पहले बाहर से मुक्त हो लो, तब तत्क्षण तुम पाओगे कि जिसे हमनेContinue Reading

Anmol Vachan in Hindi

एक सेठ और सेठानी रोज सत्संग में जाते थे। सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था। तोता एक दिन पूछता हैं कि सेठजी, आप रोज कहाँ जाते है। सेठजी बोले कि सत्संग में ज्ञान सुनने जाते है। तोता कहता है, सेठजी संत महात्मा से एक बातContinue Reading