Mahatma Gandhi Ke Anmol Vachan In Hindi

Mahatma Gandhi Ke Anmol Vachan In Hindi
Mahatma Gandhi Ke Anmol Vachan In Hindi

बुराई से असहयोग करना मानव का पवित्र कर्तव्य है.

Burai Se Asahyog Karna Manav Ka Pavitra Kartaviya Hai.
– Mahatma Gandhi

जब मैं सूर्यास्त और चन्द्रमा के सौंदर्य की प्रसंशा करता हूँ,
मेरी आत्मा इसके निर्माता के पूजा के लिए विस्तृत हो उठती है।
– महात्मा गांधी

आपको मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए।
मानवता सागर के समान है;
यदि सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं,
तो पूरा सागर गंदा नहीं हो जाता।
– महात्मा गांधी

मैं किसी को भी अपने गंदे पाँव के साथ मेरे मन से नहीं गुजरने दूंगा।
– महात्मा गांधी

खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
– महात्मा गांधी

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