Maa Baap Shayari in Hindi Mother Father Poems

Maa Baap Shayari in Hindi Mother Father Poems
Maa Baap Shayari in Hindi Mother Father Poems

Nind Apni Bhula Ke Sulaya Humko
Ansu Apne Gira Ke Hasaya Humko
Dard Kabhi Na Dena Un Hastiyon Ko
Khuda Ne Maa – Baap Banaya Jinko


मैं कदम-कदम बदलता हूँ यहीं,
वक़्त हूँ जनाब, एक सा रहना मेरा काम नही l


इस दुनिया में कुछ मन
काली सड़क पर सफ़ेद पट्टी से होते हैं


एकदम अलग अकेले उजले
सीधे सरल और शांत
बिल्कुल तुम्हारे मन की तरह


एक अरसे से मुझको कहीं नज़र नहीं आये,
बच्चे जबसे कमाने लगे कभी घर नहीं आये,
मेरी हालत देख कर सोचता है वो परिंदा भी,
अच्छा हुआ कि मेरे बच्चों के पर नहीं आये।


यारों के ठहाकों में,
माँ की सिसकियाँ सुन न सका।
अच्छा दोस्त वो हर किसी का बन गया,
एक अच्छा बेटा बन न सका।


लपेट कर मैले कपड़े में
अपनी रोटी वो बाँध लाता है।
बहुत ख़ुशी से अपनी माँ
के हाथों का पकवान वो खाता है।
महंगे खाने को भी लोग नाम रख लेते है
वो रोज वही खा कर तृप्त हो जाता है।

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One thought on “Maa Baap Shayari in Hindi Mother Father Poems

  1. kya prtikriya doon..kuchh aisi cheeze padta hoon to dar lagta hai..aise b log hain to kinki asar ki vajah se…..jub paida hota hai to maan god mein bithati hai …agar jaldi chale gaya to b maa god mein bith ke undher hi undher tori hai…kaisi yeh sansar li vidambana hai….

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