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Hindi Anmol Vachan Suvichar by Muni Pragyasagar

Hindi Anmol Vachan Suvichar by Muni Pragyasagar जितने अच्छे से आप दूसरों से, दूसरों की स्त्रियों से, दूसरों के माँ बाप से, दूसरों के बच्चों से बात करते है उतने ही अच्छे से यदि अपनों से बात करने लगें तो घर मैं हे स्वर्ग ऊतर आएगा!! Jitne Acche Se Aap Dusron Se, Dusron Ki Striyon…

फूल की तरह खिलो – Jain Muni Pragyasagar

खिल सको तो फूल की तरह खिलो जल सको तो दीप की तरह जलो मिल सको तो दूध में पानी की तरह मिलो ढल सको तो धातु की तरह ढालो ऐसे ही जीवन की नीति हो, रीती हो, प्रीती हो… जैन मुनि प्रज्ञसागर Khil Sako To Phool Ki Tarah Khilo Jal Sako To Deep Ki…

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