सुखमय वृद्धावस्था के लिए 12 विधियां….!!!

इस सन्देश को 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले धीमी गति से सावधानीपूर्वक पढ़ें क्योंकि यह आपके जीवन के लिए अत्यन्त ही महत्वपूर्ण है।
सुखमय वृद्धावस्था के लिए 12 विधियां….

1 अपने स्वयं के स्थान पर रहो ताकि स्वतंत्रता और गोपनीयता पूर्वक जीवन जीने का आनंद ले सकें।

2 अपना बैंक बेलेंस और भौतिक अमूल्य संपत्ति सदा अपने पास रखो।

3 अपने बच्चों के इस वादे पर निर्भर मत रहो कि वो वृद्धावस्था में आपकी सेवा करेंगे क्योंकि समय बदलने के साथ उनकी प्राथमिकता भी बदल जाती है।

4 उन लोगों को अपने मित्र समूह में शामिल करें जो आपके जीवन जीने में सहयोगी बन सकते हैं।

5 किसी के साथ तुलना नहीं करें और किसी से कोई उम्मीद ना रखें।

6 अपनी संतानो के जीवन में दखल अन्दाजी ना करें। उन्हें अपने तरीके से अपना जीवन जीने दें।

7 अपनी वृद्धावस्था को आधार बनाकर किसी से सेवा करवाने, सम्मान पाने का प्रयास ना करें।

8 लोगों की बातें सुनें लेकिन अपने स्वतंत्र विचारों के आधार पर निर्णय लें।

9 प्रार्थना करें लेकिन भीख ना मांगे, यहाँ तक कि भगवान से भी नहीं। अगर भगवान से कुछ मांगे तो सिर्फ माफ़ी।

अंतिम 3 महत्वपूर्ण बातें और…..

10 अपने स्वास्थ्य का स्वयं ध्यान रखें। चिकित्सीय परीक्षण के अलावा अपने आर्थिक सामर्थ्य अनुसार अच्छा पौष्टिक भोजन खाएं और यथा सम्भव अपना काम अपने हाथों से करें।

11 अपने जीवन से कभी थकें नहीं।

12. याद रखें जब तक आप अपनी तरह से जीना शुरू नहीं करते हैं तब तक आप जीवित नहीं हैं।

*खुशनुमा जीवन की शुभकामनाओं के साथ —

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