Jain Muni Pragyasagar Anmol Vachan in Hindi

Jain Muni Pragyasagar Anmol Vachan in Hindi Suvichar

खिल सको तो फूल की तरह खिलो
जल सको तो दीप की तरह जलो
मिल सको तो दूध में पानी की तरह मिलो
ढल सको तो धातु की तरह ढालो
ऐसे ही जीवन की नीति हो, रीती हो, प्रीती हो… जैन मुनि प्रज्ञसागर

Khil Sako To Phool Ki Tarah Khilo
Jal Sako To Deep Ki Tarah Jalo
Mil Sako To Dudh Main Pani Ki Tarah Milo
Dhal Sako To Dhatu Ki Tarah Dhalo
Aise He Jeevan Ki Niti Ho, Riti Ho , Preeti Ho…
 – Jain Muni Pragyasagar

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